बिहार चुनावों के दूसरे दौर के मतदान के लिए नामांकन की भागदौड़ अब थम चुकी है। प्रत्याशी अब चुनाव प्रचार पर अपना जोर आजमा रहे हैं। दलों के बड़े नेता भी प्रत्याशियों के पक्ष में धुंआधार रैलियां कर रहे हैं।

आलम यह है कि एक एक दिन में 5 से 7 रैलियां तक कि जा रही है। पार्टियों के स्टार प्रचारकों ने मोर्चा संभाल रखा है। स्टार प्रचारकों की बात करें तो एनडीए की तरफ से नरेंद्र मोदी और महागठबंधन की तरफ से राहुल गांधी अगले हफ्ते से मोर्चा सम्भालेंगे वहीं फिलहाल बिहार बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने एनडीए तो महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव ने मोर्चा संभाल रखा है।


इसी क्रम में तेजस्वी यादव हर दिन लगभग चार पांच रैलियों को संबोधित कर रहे हैं। इन रैलियों में जहां वह जदयू-बीजेपी सरकार पर हमलावर हैं वहीं चुनावी नतीजों को लेकर भी आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रहे हैं।

उनका यही आत्मविश्वास तब नजर आया जब एक रैली को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा की 9 नवम्बर को लालू जी की जमानत पर सुनवाई होनी है, उसी दिन मेरा जन्मदिन भी है और 10 को चुनावी नतीजे आने हैं जिनमे महागठबंधन को सरकार बननी तय है।


तेजस्वी ने बेरोजगारी और भ्रस्टाचार पर भी नीतीश सरकार को अपने निशाने पर घेरा। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में बेरोजगारी दर 46.6 फीसदी है। लोगों के व्यवसाय ठप पड़े हैं। उन्होंने भ्रस्टाचार पर नीतीश सरकार को घेरते हुए कहा कि आज बिना रिश्वत दिये बिहार में कोई काम नही होता। 15 सालों के शासन में 50 से ज्यादा घोटाले हुए हैं