भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 70वां जन्मदिन है। इस मौके को बेरोजगार युवा और विपक्षी दल राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में मना रहे हैं। ट्विटर सहित अन्य सोशल मीडिया एप्प पर इससे जुड़े कई हैशटैग ट्रेंड में हैं। युवाओं के इस अभियान को अब लोकप्रिय कवि कुमार विश्वास ने भी अपना समर्थन दिया है।


कुमार विश्वास ने अपने फेसबुक पोस्ट में शिवमंगल सिंह सुमन की कविता की कुछ लाइनें शेयर करते हुए लिखा,” मैंने विश्वविद्यालय में स्वर्ण पदक लेकर भी एक अदद नौकरी की जद्दोजहद दो वर्षों तक देखी झेली थी ! जबकि मैं तो कवि-सम्मेलनों के कारण आर्थिक-रूप से जीवनयापन करने लायक़ भी था ! पार्टी-नेताओं के प्रति चिंटूपना छोड़कर, जरा तो सोचिए उन बच्चे के बारे में दिल पर हाथ रखकर सोचिए कि जो बच्चे मेहनत से पढ़कर, प्रतियोगी परीक्षाएँ पास करके भी, सरकारी काहिली के कारण वर्षों-वर्ष से अपनी नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं ! 


सोचिए कि उनके लिए जीवन कितना कष्टकर हो रहा होगा? माँ की बीमारी, बहन की शादी, खेत पर चढ़ा क़र्ज़ा और किसी अल्हड़ मुहब्बत से किया अपना वादा, सिर्फ़ इसलिए लाचार है क्यूँकि सरकारों की संकल्प-शक्ति बेकार है? हर पार्टी,हर सरकार से विनयी-भाषा में सादर निवेदन कर रहा हूँ, माँ वाणी न करें कि युग के कवि को अपनी अमृतवर्षी भाषा में क्रांतिधर्मा अग्नि भरनी पड़े। अभी भी समय है ! हे सत्ताधीशो, समय रहते संभल जाओ, अन्यथा समय तक भी तुम्हें समय नहीं देगा ! 

“इसलिए समय के सैलाबों को मत रोको,खुशहाल हवाओं में न खिड़कियाँ बंद करो !हर किरन ज़िंदगी के आँगन तक आने दोनवनिर्माणों की लपटों को मत मंद करो !🙏विश्वास सर्वहारा का तुमने खोया तो,आसन्न मौत की गहन गाँस गढ़ जाएगी !यदि बाँध बांधने से पहले जल सूख गया,धरती की छाती में दरार पड़ जाएँगीं….😢🇮🇳!”(डॉ शिवमंगल सिंह सुमन)
कुमार ने अपने पोस्ट में #राष्ट्रीय_रोजगार_दिवस, #बेरोजगार_दिवस, #राष्ट्रीय_बेरोजगारी_दिवस जैसे हैशटैग का प्रयोग भी किया। इससे पहले उन्होंने पीएम को जन्मदिन की बधाई भी दी थी।