पीएम केयर्स फंड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका खारिज हो गई है.सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि पीएम केयर्स फंड भी चैरिटी फंड ही है. इसलिए रकम ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं है. कोर्ट ने कहा कि पीएम केयर्स फंड और एनडीआरएफ दो अलग-अलग फंड हैं, इसलिए कोई भी व्यक्ति या संस्था दोनों जगह दान कर सकता है.

बता दें कि याचिकाकर्ता एनजीओ, सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) ने दावा किया था कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कानूनी आदेश का उल्लंघन करते हुए पीएम केयर्स फंड बनाया गया था. संस्था ने अपनी याचिका में यह भी कहा था कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के मुताबिक आपदा प्रबंधन के लिए किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा दिया गया कोई भी अनुदान अनिवार्य रूप से एनडीआरएफ को ट्रांसफर किया जाना चाहिए.हालाँकि केंद्र ने अपने हलफनामे में इस तर्क को गलत बताया था और यह भी कहा था कि इस तर्ज पर कई ऐसे कोष बनाए जा चुके हैं.

गौरतलब है कि पीएम केयर्स फंड एक चैरिटेबल ट्रस्ट की भूमिका में है. एक जनहित याचिका में इसके गठन को चुनौती दी गई थी. पीएम केयर्स फंड के कर्ता-धर्ता प्रधानमंत्री हैं और सरकार इसका संचालन करती है. लेकिन इसका ऑडिट कैग नहीं बल्कि निजी कंपनी करेगी. यह सूचना के अधिकार के तहत भी नहीं आएगा. इन्ही बातों को लेकर यह विवाद उठा और मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुँच गया था और इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए थे.