भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूँ तो अपने अचम्भित करने वाले फैसलों को लेकर जाने जाते हैं लेकिन कई बार यही फैसले और अचानक किये गए उनके कार्य न सिर्फ मीडिया की सुर्खियां बनते हैं बल्कि विवादित भी बन जाते हैं। खास कर तब यह और विवादित हो जाता है जब मामला भारत और पाकिस्तान का हो। पीएम मोदी अपने राजनीतिक विरोधियों को लताड़ने का कोई मौका नही गंवाते। मौका मिलने पर खूब खरी खरी सुनाते हैं। कभी खुद अफसोस जताते हैं तो कभी इतिहास से लेकर भविष्य तक के लिए आगाह करते और दुहाई देते भी नजर आते हैं।
अब शायद ऐसा ही एक और मौका आ रहा है जब पीएम मोदी का कोई भी कदम उन्हें विवादों में ला सकता है। यह मौका पाकिस्तान के नए नवेले प्रधानमंत्री चुने गए इमरान खान का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो इमरान पीएम मोदी को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता दे सकते हैं। यह कयास ऐसे समय मे लगाए जा रहे हैं जब कल ही पीएम मोदी ने इमरान को शानदार जीत की बधाई दी है।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि भारत और पाक के रिश्ते पिछले कुछ महीनों में तल्ख हुए हैं। बातचीत बन रही है और पीएम मोदी एक बार नवाज शरीफ के निमंत्रण पर अचानक पाक जाने को लेकर काफी विवादों में रह चुके हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या पीएम एक बार फिर यह गलती दोहराएंगे? क्योंकि पाक का यह रिकॉर्ड रहा है कि जब भी भारत की तरफ से दोस्ती का हाथ बढ़ाया गया उधर से धोखा मिला। जब अटल बिहारी वाजपेयी लाहौर बस लेकर गए तो कारगिल मिला और जब मोदी पाक से लौटे तो उरी में आर्मी कैम्प पर बड़ा आतंकी हमला हुआ। ऐसे में देखना है मोदी को अगर आमंत्रण मिलता है तो वह क्या फैसला लेते हैं?
