नबन्ना अभियान (सचिवालय मार्च) के लिए कोलकाता पहुंचने की कोशिश कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ़ पश्चिम बंगाल पुलिस की कार्रवाई, 2021 की चुनावी हार के बाद से पार्टी के सबसे बड़े अभियानों में से एक, मंगलवार सुबह जारी रही, जिसमें कई जिलों में हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया।
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, लॉकेट चटर्जी, तापसी मंडल और दिबांकर घरामी सहित कई भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया गया।
हल्दिया और नंदीग्राम जैसे कई जगहों पर पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के वाहनों को रोका। बीजेपी की योजना के मुताबिक तीन बिंदुओं से रैलियां राज्य सचिवालय नबन्ना तक पहुंचने की कोशिश करेंगी।
अधिकारी को सतरागांची से एक रैली का नेतृत्व करने के लिए तैयार किया गया था, जबकि पार्टी के राज्य प्रमुख सुकांत मजूमदार को हावड़ा मैदान से एक का नेतृत्व करना है।
प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष कॉलेज स्ट्रीट से कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करेंगे। पिछली बार राज्य भाजपा ने 2020 में इतने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था।
कोलकाता और हावड़ा में तैनात पुलिस ने सुबह से ही मध्य कोलकाता की कई सड़कों से यातायात को डायवर्ट कर दिया। भाजपा कार्यकर्ता की आवाजाही को रोकने के लिए हावड़ा पुल, दूसरा हुगली पुल और एस्प्लेनेड पर बैरिकेडिंग की गई थी।
अधिकारी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “ममता पुलिस युद्धस्तर पर है, एक लोकतांत्रिक राजनीतिक घटना को कुचलने की कोशिश कर रही हैं।
संतरागाछी में उठाई गई स्टील की आड़ उसकी चिंता और कायरता का प्रतीक है। इसे याद रखें @MamataOfficial, कोई भी दीवार ‘लोकतंत्र की लहर’ के सामने खड़ी नहीं हो सकती है, इसे जल्द से जल्द तोड़ा जाएगा,” पूर्व तृणमूल नेता ने ट्वीट किया।
