मध्य प्रदेश में बीजेपी के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ऑपरेशन सिंदूर को लीड को करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी पर 14 मई को आपत्तिजनक टिप्पणी कर विवादों में घिर चुके हैं।। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि ” जैसे हमारे घर पे घुस के हमारी बहन – बेटियों के सिंदूर उजड़े थे हमने उनकी ही बहन भेज कर उन्हें मरवाया है।” उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश के बाद दर्ज FIR पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के द्वारा दिए गए FIR के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है ।
स्थानीय पुलिस ऑफिसर का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश पर मानपुर पुलिस स्टेशन में मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है । SP हितिका वस्ल ने FIR की पुष्टि की है । मंत्री विजय शाह पर तीन गंभीर धाराओं – 152 , 196(1)(b) और 197(1)(c) के तहत FIR दर्ज की गई है । विजय शाह की याचिका पर सीजेआई बीआर गवाई की बेंच ने सुनवाई की, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा:-
1. आप किस तरह का बयान दे रहे है? क्या यह सरकार के जिम्मेदार मंत्री के लिए उचित है ?
2. संवैधानिक पद पर बैठे शख्स से जिम्मेदारी से काम करने की उम्मीद की जाती है ।
3. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप एक मंत्री है, ऐसे संवेदनशील वक्त में एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को सोच समझ कर बोलना चाहिए।
4. सीजेआई ने कहा कि आप जानते है आप जानते है न कि आप कौन है ? इस पर विजय शाह के वकील ने कहा कि उनके क्लाइंट ने माफ़ी मान ली है । मीडिया ने उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया है । विजय शाह के वकील ने कहा कि हाईकोर्ट ने ऑर्डर पास करने से पहले हमें नहीं सुना।
5. सीजेआई ने कहा आप हाईकोर्ट के समक्ष क्यों नहीं गए? हम कल इस मामले पर सुनवाई करेंगे 24 घंटे में कुछ नहीं होगा।
जिसके बाद मंत्री विजय शाह ने ट्विटर (x ) पर वीडियो पोस्ट करते हुए माफ़ी मांगते हुए कहा कि मेरी बातों ने अब की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है । मेरे कहने का ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था । मै बहन सोफिया को अपने बहन से भी बढ़कर मानता हु । उन्होंने जो देश के लिए किया है उसके लिए तो मैं दिल से उनका समान करता हु । सोफिया तो पूरे देश की बहन हैं।
