महंत नरेंद्र गिरी मौत मामले की में आरोपी आनंद गिरी को सुप्रीम कोर्ट से झटका मिला है।जस्टिस बोपन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए आनंद गिरी की याचिका को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने महंत नरेंद्र गिरी को खुदकुशी के लिए उकसाने के ममाले में आनद गिरी की अपील को खारिज करते हुए कहा हमें इस स्तर पर हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नजर नहीं आता।
इलाहाबाद हाईकोर्ट हत्या के आरोपी आनंद गिरि को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था, कि उनके खिलाफ मामले में पर्याप्त सबूत हैं और इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती।
हत्या के आरोप में मामले में चित्रकूट के केंद्रीय जेल में बंद आनंद गिरी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की जमानत देने से इंकार करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी, इलाहाबाद लेटे हुए हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उसके बेटे संदीप तिवारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया था।
दो वर्ष पूर्व अल्लापुर स्थित श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी के मठ में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी मृत मिले थे।
उनका शव पंखे में रस्सी के फंदे से लटका मिला था। उनके शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला था। जिसमें उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि और दो अन्य लोगों पर खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाया था।
