संसद में गरजी प्रियंका गांधी, कहा- सरकार के भरोसे पहलगाम गए थे लोग, हमले की जिम्मेदारी किसकी?

लोकसभा में मंगलवार को हुए बहस में गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। बहस की पृष्ठभूमि थी पहलगाम आतंकी हमला और ‘ऑपरेशन सिंदूर’—भारत की सैन्य प्रतिक्रिया जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी।

अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर 2008 के बाटला हाउस एनकाउंटर को लेकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सोनिया गांधी उस मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों के लिए “रोई थीं”। उन्होंने कहा, “मैं नाश्ता कर रहा था, टीवी पर देखा कि सलमान खुर्शीद रो रहे हैं… और कह रहे हैं कि सोनिया गांधी जी उस एनकाउंटर के बाद फूट-फूट कर रोईं।”

शाह ने आगे कहा कि उन्हें तो उस मुठभेड़ में शहीद हुए पुलिस अधिकारी मोहन शर्मा के लिए रोना चाहिए था।

इस बयान पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने तीखा जवाब दिया—”मेरी मां के आंसू तब गिरे थे जब आतंकवादियों ने उनके पति को शहीद कर दिया था।”

प्रियंका ने केंद्र सरकार की खुफिया और सुरक्षा विफलताओं पर सवाल उठाया: “जब रोज़ 1,000-1,500 लोग पहलगाम जाते थे, तो कोई सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं थी? एक भी सैनिक क्यों नहीं तैनात था? सरकार को जानकारी नहीं थी?”

उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक घंटे लंबे भाषण पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर की बात की, लेकिन असली सवाल—“यह हमला हुआ कैसे?”—का जवाब नहीं दिया।

यह बहस एक बार फिर बीजेपी बनाम कांग्रेस के बीच आतंकवाद को लेकर पुरानी और नई नीतियों की टकराहट को सामने लाती है।

 

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