संसद के मानसून सत्र के 12वें दिन की शुरुआत एनडीए सांसदों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान के साथ हुई। पीएम को “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता के लिए बधाई दी गई। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने युद्धग्रस्त क्षेत्रों से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाला, जिसे सरकार ने एक बड़ी कूटनीतिक और मानवीय उपलब्धि बताया।
इस बीच, सरकार आज के दिन को विधायी कामकाज के लिए निर्णायक बनाना चाहती है। सरकार ने 5 अहम विधेयकों को दोनों सदनों से पारित कराने का लक्ष्य रखा है।
हालांकि, अब तक मानसून सत्र की 11 बैठकों में एक भी बिल पारित नहीं हो पाया है। इसका मुख्य कारण बिहार में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विपक्ष का विरोध है। विपक्ष चुनावी सूची में संशोधन पर चर्चा की मांग कर रहा है और इस मुद्दे पर लगातार सदनों में गतिरोध बना हुआ है।
आज भी संसद में हंगामे के आसार हैं, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि वह विधायी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
आज का दिन तय करेगा कि क्या संसद के इस सत्र में कोई ठोस विधायी कार्य हो पाएगा या सियासी टकराव ही हावी रहेगा।
