अभिनेता से नेता बने मक्कल नीति मय्यम (MNM) प्रमुख और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने चुनाव आयोग (ECI) पर मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि आयोग मतदाता सूची को मशीन-रीडेबल फॉर्मेट में क्यों नहीं जारी करता, ताकि स्वतंत्र सत्यापन संभव हो सके।
हासन का यह बयान महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में कथित फर्जी वोटर विवाद के बीच आया है, जहां राहुल गांधी ने 2024 लोकसभा चुनाव में 1 लाख से अधिक फर्जी वोट होने का आरोप लगाया था। राहुल ने डुप्लीकेट एंट्री, फर्जी पते, अवैध फोटो और फॉर्म-6 के दुरुपयोग का हवाला देते हुए BJP पर आरोप लगाया, जिसे पार्टी ने राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया।
कमल हासन ने कर्नाटक, महाराष्ट्र में संदिग्ध मतदाता वृद्धि और बिहार में बड़े पैमाने पर नाम कटने के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि “कभी-कभी जोड़ घटाने जैसा लगता है।” उन्होंने मांग की कि आयोग पूर्व CEC टी.एन. शेशन जैसी निष्पक्षता और निडरता दिखाए और स्वतंत्र ऑडिट की अनुमति दे।
उन्होंने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों की शांतिपूर्ण मार्च के दौरान गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला बताया—“जनप्रतिनिधियों को पारदर्शिता मांगने पर गिरफ्तार करना, लोकतंत्र को गिरफ्तार करने जैसा है।”
BJP ने इन आरोपों को निराधार करार दिया है, लेकिन स्वतंत्र एजेंसियों की रिपोर्टों से मामला चुनाव आयोग के लिए बड़ी शर्मिंदगी का कारण बन गया है।
