भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) ने रविवार को जारी पोस्टर में से जवाहरलाल नेहरु की तस्वीर गायब रहने पर प्रतिक्रिया देते हुए इस मुद्दे पर विवाद गैर जरूरी बताया और आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में जारी होने वाले पोस्टरों में नेहरू की तस्वीर होगी।
आईसीएचआर के एक शीर्ष अधिकारी ने इस मुद्दे पर आलोचना को खारिज करते हुए कहा, “हम आजादी की लड़ाई में किसी की भूमिका को कमतर करने का प्रयास नहीं कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जिस पोस्टर को लेकर विवाद हुआ है वह आजादी का अमृत महोत्सव जश्न के तहत जारी होने वाले कई पोस्टरों में से एक है। “
आजादी का अमृत महोत्सव जश्न के तहत यह केवल एक पोस्टर है जिसे जारी किया गया है। कई अन्य पोस्टर होंगे और उनमें नेहरू भी होंगे…इस मुद्दे पर विवाद गैरजरूरी है।” अधिकारी ने कहा। आईसीएचआर के अध्यक्ष अरविंद जामखेडकर ने सफाई देते हुए कहा, “यह असावधानीवश हो सकता है।
जब हम स्वतंत्रता संग्राम की बात करते हैं तो कोई भी नेहरू जैसे व्यक्ति को भूल नहीं सकता। यह लापरवाह वश हो सकता है लेकिन निश्चित तौर पर जानबूझकर नहीं। इसके पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है।
मैं दोहराता हूं कि यह जानबूझकर नहीं किया गया।” आईसीएचआर ने कहा कि पोस्टर पर प्रतिक्रिया ‘समय से पहले’ ही आ गई है और आने वाले पोस्टरों में नेहरू दिखाई देंगे। निदेशक ओमजी उपाध्याय ने बताया, “हमने ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ का केवल पहला पोस्टर जारी किया है, कई अन्य पोस्टर अभी जारी होने हैं और हमारी टीम इस पर काम कर रही है।
प्रारंभिक पोस्टर के आधार पर इस तरह से प्रतिक्रिया जताना समय से पहले बात करने जैसा है। आने वाले दिनों में एक और पोस्टर आएगा जिसमें जवाहरलाल नेहरू का नाम शामिल है। मैंने आने वाले पोस्टर देखे हैं और मुझे यकीन है कि ऐसा होगा।
आगे ऐसे पोस्टर आएंगे जिसमें और अधिक स्वतंत्रता सेनानियों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े तमाम अध्यायों को चित्रित किया जाएगा। यह पोस्टर, जिसके बारे में हर कोई बात कर रहा है, आंदोलन के केवल एक हिस्से को ही दिखाता है।”
