राहुल गांधी द्वारा पाकिस्तान पर कार्रवाई को लेकर “राजनीतिक इच्छाशक्ति” पर सवाल उठाने के बाद, केंद्र सरकार ने 1971 की एक ऐतिहासिक चिट्ठी के ज़रिए पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की अमेरिका के राष्ट्रपति निक्सन को लिखी चिट्ठी साझा कर पूछा, “क्या यही इंदिरा गांधी जी की राजनीतिक इच्छाशक्ति थी?”
यह पत्र 5 दिसंबर 1971 को लिखा गया था, जब पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ युद्ध की घोषणा की थी। इसमें इंदिरा गांधी ने निक्सन से आग्रह किया था कि वह पाकिस्तान को “आक्रामक नीति” से रोकें और भारत की सुरक्षा को लेकर भारत के कदमों को उचित ठहराया।
राहुल गांधी ने संसद में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार ने सेना के “हाथ बांध” दिए और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी से भारत के कुछ लड़ाकू विमान नष्ट हुए।
जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सेना को पूरी आज़ादी दी गई थी। हमने पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया कि वो आज भी बेचैन है।”
रिजिजू का 1971 का संदर्भ देना सीधे तौर पर कांग्रेस को उनके ही इतिहास से घेरने की कोशिश मानी जा रही है।
