कोयला घोटाले से जुड़े 21 साल पुराने मामले में CBI की विशेष अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे समेत 3 लोगों को दोषी करार देते हुए 3-3 साल की सजा सुनाई है. सजा के साथ-साथ कोर्ट ने तीनो दोषियों पर 10-10 लाख रूपए जुर्मान भी लगाया है. दिलीप रे को IPC की धारा 409 सहित विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है.
आपको बतादें की दिलीप रे पूर्व प्रधानमंत्री वाजपयी के कार्यकाल में राज्य मंत्री (कोयला) का पदभार संभाल रहे थे. इन पर 1999 में झारखंड में एक कोयला ब्लॉक आवंटन में गड़बड़ियों को लेकर मामला चल रहा था. कुछ दिनों पहले ही इन्हे कोर्ट ने दोषी करार दिया था मगर सज़ा आज सुनाई गई है.
CBI की विशेष अदालत के न्यायधीश भारत पराशर ने तीनो दोषियों के साथ-साथ दो कंपनियों पर भी जुर्माना लगाया है. कैस्ट्रोन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (सीटीएल) पर 60 लाख और कैस्ट्रॉन माइनिंग लिमिटेड (सीएमएल) पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.
दिलीप रे के वकील का कहना है की वह जमानत के लिए उच्च न्यायलय में अपील करेंगे.
