ईडी ने हवाला के आरोप में जोआलुक्कास आभूषण समूह के मालिक की 305 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की

प्रवर्तन निदेशालय ने हवाला चैनलों के माध्यम से कंपनी द्वारा दुबई में कथित रूप से “भारी नकदी” के हस्तांतरण से जुड़े एक फेमा मामले में शुक्रवार को केरल स्थित प्रमुख आभूषण समूह जोआलुक्कास के मालिक की 305 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की।

संपत्ति की कुर्की के दो दिन बाद संघीय जांच एजेंसी ने जॉय अलुक्कास वर्गीज के स्वामित्व वाले त्रिशूर-मुख्यालय समूह के कई परिसरों में तलाशी ली थी।

“संलग्न संपत्तियों में 33 अचल संपत्तियां (81.54 करोड़ रुपये मूल्य की) शामिल हैं, जिसमें शोभा सिटी, त्रिशूर, तीन बैंक खाते (91.22 लाख रुपये जमा), 5.58 करोड़ रुपये के तीन सावधि जमा और जॉयलुक्कास इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के शेयर (मूल्य 217.81 करोड़ रुपये), ईडी ने एक बयान में कहा।

विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) की धारा 37ए के तहत कुर्क की गई इन संपत्तियों का कुल मूल्य 305.84 करोड़ रुपये हैं। खुदरा आभूषण शृंखला ने 17 फरवरी को बिना कोई कारण बताए अपना 2,300 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) वापस ले लिया था।

आईपीओ की आय का उपयोग ऋण के भुगतान के लिए, आठ नए शोरूम खोलने के वित्तपोषण के लिए और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाना था।

प्रवर्तन निदेशालय का मामला “हवाला (अवैध धन हस्तांतरण) चैनलों के माध्यम से भारत से दुबई में भारी मात्रा में नकदी स्थानांतरित करने से संबंधित है और बाद में जोआलुक्कास ज्वैलरी एलएलसी, दुबई में निवेश किया गया, जो जॉय अलुकास वर्गीज की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली कंपनी है,” ईडी ने कहा।

इसमें कहा गया है कि तलाशी के दौरान जुटाए गए साक्ष्य – आधिकारिक दस्तावेज और मेल – हवाला लेनदेन में जॉय अलुक्कास की सक्रिय संलिप्तता “स्पष्ट रूप से साबित” हुई।

इसने आरोप लगाया कि वर्गीज जोआलुक्कास ज्वैलरी एलएलसी, दुबई में निवेश किए गए धन का “लाभार्थी स्वामी” था। 

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