देश की पहली रैपिड ट्रेन हवाई जहाज जैसी : 100% मेड इन इंडिया, 180 की स्पीड से दौड़ेगी; 9 ग्राफिक्स में करिए ट्रेन का सफ़र

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) द्वारा गाजियाबाद में विकसित किया जा रहा देश का पहला रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम ट्रायल रन के लिए तैयार है। यह एक तेज-तर्रार क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली होगी जो दिल्ली के सराय काले खां से उत्तर प्रदेश के मेरठ तक गाजियाबाद के रास्ते संचालित होगी।

रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत दो तरह की ट्रेनें चलेंगी। पहली ट्रेन को रैपिड रेल कहा जाता है और यह मोदीपुरम से बेगमपुर परतापुर होते हुए दिल्ली के सराय काले खां तक ​​चलेगी। दूसरे को मेरठ मेट्रो कहा जाता है और यह मोदीपुरम से बेगमपुर होते हुए परतापुर तक चलेगी।

रैपिड रेल ट्रेनों की संख्या हर 10 मिनट की आवृत्ति पर 30 तक होगी। ट्रेनें 160 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी और दिल्ली से मेरठ के बीच की दूरी सिर्फ 55 मिनट में तय करेंगी। पहले चरण में दिल्ली से गाजियाबाद के दुहाई के बीच रेलवे कॉरिडोर का निर्माण तेजी से पूरा हो रहा है और अब वह अंतिम चरण में है।

दुहाई डिपो में देश की पहली रीजनल रैपिड रेल भी असेंबल की गई है। गुजरात के सावली से राजस्थान और हरियाणा होते हुए गाजियाबाद के रास्ते 6 बड़े ट्रेलरों पर ट्रेन को इस डिपो में लाया गया। इस डिपो में कुल 17 रेलवे लाइनें बनाई गई हैं, जिनमें से 11 स्थिर लाइनें, 2 वर्कशॉप लाइन, 3 इंटरनल वे लाइन और 1 हैवी इंटरनल लाइन हैं। यह रैपिड रेल एक हाई-स्पीड एरोडायनामिक रेल है।

इसका आगे का हिस्सा लंबी नाक की तरह है जिससे यह सामान्य ट्रेनों की तुलना में तेज दौड़ सकता है। रैपिड रेल में पुनर्योजी ब्रेकिंग सिस्टम के साथ एक आकर्षक आधुनिक डिजाइन है जो बिजली पैदा करेगा। यह रेल पूरी तरह से स्वचालित ट्रेन है जिसका मतलब है कि यह स्वचालित संचालन पर चलेगी और सुरक्षा स्वचालित नियंत्रण से लैस होगी।

सीसीटीवी कैमरा, लैपटॉप मोबाइल चार्जिंग, डायनेमिक रूट मैप रीडिंग, वेंटिलेशन, एयर कंडीशनिंग आदि जैसी सुविधाएं भी यात्रा को शानदार बनाएंगी। दो कोच मानक वर्ग के लिए आरक्षित होंगे और टीम के सदस्यों के साथ-साथ एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *