बलिया में कल सरकारी कोटे के तहत दुकानों के आवंटन के लिए बुलाई गई एक बैठक के दौरा हुए गोलीकांड में एक शख्स की मौत के बाद उठा बवाल शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. इस घटना ने फिर से उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है.
गोलीकांड में मारे गए जयप्रकाश उर्फ गामा पाल के भाई अभिषेक पाल ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है. उसने पुलिस पर मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को मौका-ए-वारदात से भागने में मदद करने का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया था मगर बाद में जाने दिया. धीरेंद्र प्रताप सिंह को बीजेपी के विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह का करीबी बताया जाता है.
जिस वक़्त कल ये घटना हुई उस वक़्त वहाँ SDM और CO दोनों मौजूद थे. यही नहीं, वहाँ 6 थानों की पुलिस भी मौजूद थी. घटना के बाद से SDM और CO दोनों को ससपेंड कर दिया गया है. वहीँ इस घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज कर ली गई है. इस केस में अभी तक 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके है. . बीती रात धीरेंद्र प्रताप सिंह को पकड़ने पुलिस उसके घर भी पहुंची मगर वह उन्हें वहाँ नहीं मिला.
इस घटना पर मीडिया हुए डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया की आरोपियों पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई है. किसी भी आरोपी को बक्शा नहीं जाएगा. इस मामले पर डीआईजी ने माना है की पुलिस से भारी चूक हुई है. दोषी पुलिसवालों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी.
इससे पहले उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने के आदेश दिए थे.
आइये अब तस्वीरों में आपको दिखाते है पूरा घटनाक्रम








