अयोध्या में बाबरी ढांचा विध्वंश ढहाए जाने के मामले में आज लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत अपना फैसला सुनाएगी। 6 दिसंबर 1992 को ढहाए गए बाबरी ढांचे के मामले में पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह समेत सभी 32 आरोपियों को आज अदालत में मौजूद रहने के आदेश दिए हैं। यूँ तो इस मामले में कुल 49 आरोपी थे लेकिन 17 की मौत पहले ही हो चुकी है।
सीबीआई अदालत के जज सुरेंद्र कुमार यादव इस मामले में आज फैसला सुनाएंगे। फैसले के बाद आरोपी अगर चाहें तो हाइकोर्ट में अपील कर सकते हैं। सीबीआई व अभियुक्तों के वकीलों ने करीब आठ सौ पन्ने की लिखित बहस दाखिल की है।
इससे पहले सीबीआई ने 351 गवाह व करीब 600 से अधिक दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं। लिहाजा इसके मद्देनजर अदालत का फैसला भी करीब दो हजार पन्ने का हो सकता है।
आपको बता दें कि जज सुरेंद्र कुमार यादव 30 सितम्बर 2019 को ही रिटायर हो चुके हैं हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए उन्हें सेवा विस्तार दिया था। दूसरी तरफ उमा भारती कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं और उनका इलाज चल रहा।
ऐसे में कोर्ट में उनका मौजूद रहने पर संशय है। वह यह भी कह चुकी हैं कि अगर कोर्ट से उन्हें सजा मिलती है तो वह जमानत नही लेंगी। फैसले के मद्देनजर अयोध्या और लखनऊ में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
