समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को एक व्यापारी से पैसे की मांग करते हुए एक आईपीएस अधिकारी का एक पुराना वीडियो ट्वीट किया और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला करते हुए पूछा कि क्या वह अधिकारी के खिलाफ़ “बुलडोजर” कार्रवाई करेगी।
यूपी पुलिस के एक आईपीएस अधिकारी अनिरुद्ध सिंह कथित तौर पर वाराणसी में तैनात हैं। वह कथित तौर पर वीडियो कॉल पर किसी से 20 लाख रुपये की व्यवस्था करने के लिए कह रहे है।
कथित वीडियो उस समय का बताया जा रहा है जब सिंह मेरठ जिले में तैनात थे। समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि पुलिस आयुक्त को मामले पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया हैं।
यूपी में पैसे की मांग कर रहे एक आईपीएस के इस वीडियो के बाद क्या उसकी तरफ बुलडोजर चलने का रुख बदल जाएगा या फिर फरार आईपीएस की सूची में एक और नाम जोड़कर भाजपा सरकार मामले से पल्ला झाड़ लेगी।
यूपी के लोग अपराध के प्रति बीजेपी की जीरो-टॉलरेंस की हकीकत देख रहे हैं।’ यादव के ट्वीट का जवाब देते हुए मेरठ पुलिस ने कहा, “यह वीडियो 2 साल से अधिक पुराना है और इसका मेरठ से कोई संबंध नहीं है।
मामले में जांच पूरी कर ली गई हैं।” बाद में, यूपी पुलिस के महानिदेशक ने एक बयान जारी कर कहा कि पुलिस वीडियो की सामग्री की जांच कर रही है, जो दो साल से अधिक पुराना हैं।”
इस बीच, पुलिस ने अपने मकान मालिक को किराया नहीं देने के एक ट्वीट में लगाए गए आरोपों को लेकर सिंह की पत्नी, जो एक आईपीएस अधिकारी भी हैं, के खिलाफ़ एक और जांच शुरू की हैं।
उप्र में एक आईपीएस की वसूली के इस वीडियो के बाद क्या बुलडोज़र की दिशा उनकी तरफ़ बदलेगी या फिर फ़रार आईपीएस की सूची में एक नाम और जोड़कर संलिप्त भाजपा सरकार ये मामला भी रफ़ा-दफ़ा करवा देगी।
उप्र की जनता देख रही है कि ये है अपराध के प्रति भाजपा की झूठी ज़ीरो टालरेंस की सच्चाई। pic.twitter.com/JsMAhzRFPU
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 12, 2023
