मिग-21 से 62 साल में 200 हादसे, वायुसेना के बेड़े में सबसे पुराना है ये विमान

राजस्थान में बाड़मेर के पास शुक्रवार रात उनके ट्विन-सीटर मिग-21 ट्रेनर विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से भारतीय वायु सेना के दो पायलटों की मौत हो गई। भारतीय वायु सेना ने कहा कि दुर्घटना रात करीब 9:10 बजे हुई।

बयान में कहा गया, “भारतीय वायु सेना का एक जुड़वां सीटर मिग-21 ट्रेनर विमान आज शाम राजस्थान के उतरलाई हवाई अड्डे से प्रशिक्षण के लिए उड़ान भर रहा था। भारतीय वायु सेना ने एक बयान में कहा, “रात करीब 9:10 बजे, विमान बाड़मेर के पास एक दुर्घटना का शिकार हो गया। दोनों पायलटों को घातक चोटें आईं।

भारतीय वायु सेना को जान गंवाने का गहरा अफसोस है और शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा हैं। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयर चीफ मार्शल वी.आर.चौधरी से दुर्घटना के बाद उसको लेकर बातचीत की।

श्री सिंह ने ट्विटर पर कहा, “राजस्थान में बाड़मेर के पास भारतीय वायुसेना के मिग-21 ट्रेनर विमान के दुर्घटना में दो वायु योद्धाओं के नुकसान से गहरा दुख हुआ। “राष्ट्र के लिए उनकी सेवा को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।

एक समय में लड़ाकू जेट मिग-21 विमान को भारतीय वायु सेना की जान माना जाता था। हालाँकि, ये विमान वर्तमान में उड़ान या युद्ध के लिए अनुपयुक्त हैं। मिग -21 बाइसन विमान, हालांकि, बालाकोट पर हवाई हमले के बाद छह पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को बचाने के लिए जिम्मेदार था। 1960 से वायुसेना मिग-21 विमानों का संचालन कर रही है।

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