बीते कुछ दिनों से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनका आलीशान बंगला मीडिया की सुर्खियों में है। मीडिया रिपोर्ट्स और लीक दस्तावेजों में किए गए दावों के मुताबिक राजनीति बदलने की बात कर राजनीति में आने वाले, गाड़ी, बंगला, घर, सुरक्षा न लेने का दावा करने वाले केजरीवाल ने अपने घर के रिनोवेशन पर 45 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए हैं। केजरीवाल के आवास में लगे पर्दे, मार्बल, ऑटोमैटिक दरवाजे और साज सज्जा पर यह पैसा खर्च किया गया है।
केजरीवाल के इस राजमहल की कुछ तस्वीरें और वीडियो लगातार वायरल हैं। सवालों की बौछार हो रही है हालांकि बात बे बात प्रेस कांफ्रेंस करने वाले और ट्वीट करने वाले केजरीवाल और आप नेता मौन हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है की इस खुलासे की वजह ‘आप’ का अंदरूनी कलह है। इन बातों को बल इस वजह से भी मिलता है कि यह खुलासे ऐसे वक्त में हुए हैं जब केजरीवाल के बाद नंबर दो मनीष सिसोदिया जेल गए और सत्येंद्र जैन लगभग 10 महीने से पहले ही जेल में थे।
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो केजरीवाल आवास में नवीनीकरण और निर्माण का कार्य 2020 में हुआ। उस समय सत्येंद्र जैन के पास पीडब्ल्यूडी विभाग था। इसकी अनुमति सत्येंद्र जैन ने ही मंत्री के तौर पर दी थी। ऐसे में सूत्रों की मानें तो पार्टी द्वारा किनारे लगाए जाने और मंत्रीपद वापस लेने की वजह से सत्येंद्र जैन और सिसोदिया के अलावा उनके समर्थकों का एक गुट केजरीवाल के खिलाफ अंदरखाने ही मोर्चा खोल चुका है। इन बातों को बल इस बात से भी मिलता है कि यह फाइल दिल्ली सरकार के पास थी। एलजी या किसी भी अन्य अधिकारी को इसकी भनक तक नहीं लगी और न ही ओपन टेंडर हुआ।

कुछ सूत्रों ने सीधे तौर पर यह दावा किया की सत्येंद्र जैन ने ही केजरीवाल के बंगले से जुड़ी जानकारियां मीडिया के साथ साझा की हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या आम आदमी पार्टी में अंदरखाने बड़ा बवंडर मचा हुआ है और क्या केजरीवाल की खामोशी की वजह भी यही है? खैर अटकलों का बाजार गर्म हैं। कोई सिसोदिया तो कोई सत्येंद्र जैन को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है हालांकि आम आदमी पार्टी ने अभी तक इसपर कोई जवाब नहीं दिया है। यह शक इसलिए भी गहरा हो जाता है क्योंकि सभी घटनाक्रम जुड़े हैं। हवाला और शराब घोटाले में क्रमशः सत्येंद्र जैन और सिसोदिया का जेल जाना, पार्टी द्वारा मंत्री पद, बंगला वापस लेना और बेल न मिलने से राजनीतिक भविष्य का अधर में होना भी इसकी बड़ी वजह हो सकती है।

इन सबमें सबसे अहम बात यह है कि केजरीवाल के बंगले के अंदर की कोने कोने की तस्वीरें और वीडियो भी लीक हुई है। जबकि खुलासे के बाद से केजरीवाल ने अपने आवास और उसके आसपास मीडिया को फटकने तक नहीं दिया है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि केजरीवाल के राजमहल के राज किसी अपने ने ही बाहर निकाले हैं।
