प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका “एकात्म मानव दर्शन” और “अंत्योदय” का विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की दिशा में मार्गदर्शक है।
1916 में जन्मे उपाध्याय भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेता, विचारक और अर्थशास्त्री थे। वे ‘इंटीग्रल ह्यूमनिज्म’ (एकात्म मानव दर्शन) के प्रणेता माने जाते हैं, जिसमें व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच संतुलन पर बल दिया गया है। 1968 में उनका असमय और रहस्यमय निधन हो गया था।
मोदी ने एक्स पर लिखा— “भारत माता के इस महान सपूत और एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। राष्ट्र को समृद्धि की राह दिखाने वाले उनके विचार और अंत्योदय का सिद्धांत ‘विकसित भारत’ के निर्माण में प्रेरणा स्रोत हैं।”
गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद” और “अंत्योदय” का संवाहक बताते हुए कहा कि उन्होंने जनसंघ के माध्यम से राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने वाला राजनीतिक विकल्प दिया।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें “महान राष्ट्रवादी चिंतक” करार देते हुए स्वच्छता अभियान में भी भाग लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उपाध्याय का जीवन सेवा, समर्पण और देशभक्ति की अद्वितीय मिसाल है।
