भारत ने एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के चुनाव में भारत को 2026-28 कार्यकाल के लिए सदस्य चुना गया है। यह भारत का सातवां कार्यकाल होगा, जो 1 जनवरी 2026 से शुरू होगा।
संयुक्त राष्ट्र की जिनेवा स्थित इस परिषद में कुल 47 देश शामिल होते हैं, जिन्हें तीन-तीन साल के लिए चुना जाता है। भारत को एशिया-प्रशांत समूह से भारी समर्थन मिला। भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथनेनी हरीश ने सोशल मीडिया पर सभी देशों का धन्यवाद करते हुए कहा — “यह चुनाव भारत की मानवाधिकारों और मूलभूत स्वतंत्रता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम इस दिशा में पूरी निष्ठा से काम करेंगे।”
भारत 2006 में परिषद के गठन के बाद से इसकी एक सक्रिय और प्रभावशाली सदस्य रहा है। बीच में केवल तीन अनिवार्य अंतराल (2011, 2018 और 2025) को छोड़कर भारत लगातार इस परिषद में चुना गया है। 2006 में पहली बार चुनाव में भारत को सर्वाधिक 173 वोट मिले थे।
इस बार चुने गए अन्य देशों में अंगोला, चिली, मिस्र, इटली, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन शामिल हैं।
भारत की यह जीत न केवल उसकी वैश्विक साख को मजबूत करती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि दुनिया भारत को मानवाधिकारों की रक्षा और न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था के लिए एक भरोसेमंद आवाज़ मानती है।
