अडानी के मुंद्रा पोर्ट से करोड़ों की ड्रग्स बरामद, अडानी ग्रुप ने दी सफाई

राजस्व खुफिया निदेशालय(डीआरआई) की टीम ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए गुजरात की मुंद्रा बंदरगाह से तकरीबन 9000 करोड़ रुपये का ड्रग्स बरामद किया है। एजेंसी के अधिकारियों द्वारा 2,988.22 किलोग्राम हेरोइन जब्त करने की सूचना बताई गई है।

इससे पहले, आशा ट्रेडिंग कंपनी इस खेप को ‘टेलकम पाउडर’ बता रही थी लेकिन जब डीआरआई और कस्टम ने जब कंसाइनमेंट रोक कर जांच की तो टेलकम पाउडर की जगह करोड़ों की ड्रग्स बरामद हुई। इसी के साथ दो लोगों को अरेस्ट कर लिया गया है।

वहीं, निर्यात करने वाली फर्म की पहचान अफगानिस्तान के कंधार स्थित हसन हुसैन लिमिटेड के तौर पर की गई है। बरामद की गई ड्रग्स सबसे बड़ी खेप बताई जा रही है, जिसकी कीमत 9,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स पकड़ी गई नशे की खेप विजयवाड़ा की आशा ट्रेडिंग कंपनी के आयात किए गए पैकेज के अंदर छिपी हुई बता रहे हैं तथा इसका कनेक्शन अफगानिस्तान से टैल्क पत्थरों को आयात करने से जोड़ा जा रहा है। ‘टैल्कम पाउडर’ के नाम पर आयात किए जा रहे इस खेप को रंगे हाथों पकड़ा गया। डीआरआई और कस्टम विभाग पिछले पांच दिनों से इस ऑपरेशन को चला रहा था।

वहीं, सूत्रों का कहना है कि कम से कम चार फारसियों को हिरासत में लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। विजयवाड़ा में डीआरआई के अधिकारियों ने अब ड्रग और विजयवाड़ा का लिंक तलाशना शुरु कर दिया है।

साथ ही कंपनी के मालिकान और उनके ड्रग्स कनेक्शन की छानबीन भी की जा रही है। मामले में विजयवाड़ा में क्लॉक स्ट्रीट स्थित कंपनी के कार्यालय में पूछताछ की जा रही है।

बता दें कि जिस मुंद्रा पोर्ट से इतनी अधिक मात्रा में हेरोइन पाई गयी है, उसका मालिकाना हक अडानी पोर्ट के पास है जो गौतम अडानी की कंपनी है। डीआरआई और कस्टम के ऑपरेशन में बरामद हुई ये हेरोइन अब एजेंसी के जब्त में है।

इस बरामदगी के बाद अब विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। सपा नेता सुनील सिंह यादव ने ट्वीट कर लिखा है “भारत के इतिहास में हीरोइन की 9 हज़ार करोड़ की सबसे बड़ी खेप गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पकड़ी गई है।

जिस घर में ड्रग मिलता है उसके मालिक को भी जेल होती है, फिर पोर्ट मालिक पर मुकदमा क्यों नहीं? क्योंकि इस पोर्ट के मालिक मोदी जी और शाह जी के परम मित्र अदाणी जी है।

ये कैसा न्याय ?”

पिछले पांच दिनों से चल रहे इस सर्च ऑपरेशन में डीआरआई और कस्टम विभाग द्वारा कंसाइनमेंट रोक कर जांच करने पर टेलकम पाउडर के नाम से 9000 करोड़ रुपये का ड्रग्स बरामद किए जाने के बाद एजेंसी द्वारा 5 और शहरों में इसकी जांच शुरू कर दी गयी है।

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