समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार भारत के ड्रग कंट्रोलर ने फार्मास्यूटिकल कंपनी डॉ रेड्डी लैब्स को रूस-निर्मित सिंगल डोज स्पूतनिक लाइट कोविड टीके को तीसरे चरण के परीक्षण की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। बताया जा रहा है कि आवेदन पर बुधवार को चर्चा हुई थी।
सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी के मुताबिक, हैदराबाद स्थित फार्मास्यूटिकल कंपनी द्वारा परीक्षणों का संचालन इसलिए रोका गया क्योंकि परीक्षण करने के लिए कोई ‘वैज्ञानिक तर्क’ नहीं मिला। बता दें कि स्पूतनिक लाइट 79.4 प्रतिशत की रिपोर्ट की गई प्रभावकारिता के साथ एक एकल खुराक वाला टीका है, जिसके लॉन्च की घोषणा 6 मई रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) के द्वारा की गई थी।
डॉ रेड्डी लैब्स ने रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष(RDIF) के साथ बीते साल के सितंबर महीने में, रूस निर्मित स्पूतनिक-वी के भारत में तीसरे चरण के परीक्षण और करीब 100 मिलियन डोज़ बांटने के लिए, हाथ मिलाया था।
हालांकि इसी साल के अप्रैल महीने में इस टीके को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल भी गई थी। डॉ रेड्डी लैब्स,रेगुलेटरी द्वारा इसे पास करने के लिए डाले गए आवेदन को मंजूरी मिलने की आशा कर रही थी। अगर ऐसा होता तो देश में यह एकल खुराक वाला पहला और एकमात्र टीका होता।
रूस में दिसंबर 2020 से अप्रैल 2021 के बीच चलने वाले बड़े वैक्सीनेशन प्रोग्राम में स्पूतनिक लाइट के पहले डोज़ पड़ने के 28 दिनों के बाद करीब 79.4% की कामयाबी देखने को मिली थी।
