उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मियों की हड़ताल का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद निपटाने का फैसला किया है. इसके लिए आदित्यनाथ ने मामला अपने हाथों में ले लिया है. आदित्यनाथ ने मामले को निपटाने के लिए मंत्रियों और अधिकारयों को अपने ऑफिस में तलब किया है.
इस बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव ऊर्जा अरविंद कुमार और वित्त विभाग के अधिकारियों को तलब किया गया है.
आपको बतादें की पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को घाटे से उबारने के लिए योगी सरकार ने इसे निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया था जिसके बाद काम का बहिष्कार करते हुए बिजली कर्मी अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चले गए थे.
बिजली कर्मियों के इस फैसले से पूरे प्रदेश में बिजली का भारी संकट पैदा हो गया है. आम लोगों के साथ-साथ VVIP इलाके में भी इस संकट का असर देखने को मिला है.
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड अरबों के घाटे में चल रहा है जिसको सुधारने के लिए प्रशासन ने कर्मचारियों को चेताया था मगर स्तिथि सुधरते न देख योगी सरकार ने इसे निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया है.
