दिल्ली में रविवार को एक ऐसा अद्भुत मिशन पूरा हुआ, जिसने सबका दिल छू लिया। गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल से एक जिंदा दिल को दिल्ली के ओखला स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल तक सिर्फ 19 मिनट में पहुंचाया गया — वो भी 17 किलोमीटर की दूरी तय करके।
यह सब संभव हो सका “ग्रीन कॉरिडोर” की वजह से, जो दिल्ली और गाजियाबाद पुलिस ने मिलकर बनाया। इसका मतलब है कि जिस रास्ते से एंबुलेंस गई, वहां ट्रैफिक पूरी तरह रोक दिया गया ताकि दिल बिना किसी रुकावट के समय पर अस्पताल पहुंचे।
इस दिल की ज़रूरत एक 49 साल के मरीज को थी, जिनका खुद का दिल ठीक से काम नहीं कर रहा था। उन्हें यह दिल एक 35 वर्षीय महिला डोनर से मिला, जिन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया था। उनके परिवार ने दिल दान करके किसी और को ज़िंदगी देने का बड़ा फैसला लिया।
फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों ने भी इसे एक बेहद भावुक और टीमवर्क से भरा पल बताया।
यह कहानी सिर्फ मेडिकल चमत्कार की नहीं है — यह इंसानियत, हिम्मत और वक्त से रेस लगाकर किसी की ज़िंदगी बचा लेने की मिसाल है।
