दुनिया के सबसे उम्रदराज धावक, 114 वर्षीय फौजा सिंह, वे सुबह अपने गांव के पास टहल रहे थे, तभी तेज़ रफ्तार असयूवी ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद गाड़ी बिना रुके भाग गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के चलते उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने घटनास्थल से गाड़ी के शीशे और हेडलाइट के टुकड़े इकट्ठा किए और सीसीटीवी फुटेज की मदद से गाड़ी की पहचान की। जांच में पता चला कि गाड़ी एक एनआरआई युवक अमृतपाल सिंह ढिल्लों की थी, जो हाल ही में कनाडा से लौटा था। पुलिस ने उसे करतारपुर से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कहा कि उसे नहीं पता था कि उसने इतने वरिष्ठ व्यक्ति को टक्कर मारी है। उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर इरादतन हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
फौजा सिंह को पूरी दुनिया में “टर्बनड टोर्नेडो” के नाम से जाना जाता था। उन्होंने 100 की उम्र के बाद भी कई मैराथन में हिस्सा लिया था। उनके निधन पर प्रधानमंत्री मोदी, खिलाड़ियों और आम जनता ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
यह हादसा हमें एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़कों पर ज़रा सी लापरवाही किसी की ज़िंदगी छीन सकती है।
