गायक-राजनेता सिद्धू मूसेवाला की जघन्य हत्या में पहली सफलता हासिल करते हुए पंजाब पुलिस ने मंगलवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया हैं। आरोपी की पहचान मनप्रीत सिंह भाऊ (27) के रूप में हुई है, जो फरीदकोट जिले के धापी गांव का निवासी है। मनप्रीत पर मूसेवाला की हत्या में शामिल हमलावरों को वाहन सप्लाई करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, मनप्रीत उन हमलावरों में नहीं था, जिन्होंने मूसेवाला के वाहन पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मनप्रीत एक अन्य गैंगस्टर मनप्रीत सिंह मन्ना का चचेरा भाई है, जो फिरोजपुर जेल में बंद है और उसे सोमवार को मूसेवाला हत्याकांड में पूछताछ के लिए पेशी वारंट पर मनसा लाया गया था।
मन्ना एक और गैंगस्टर कुलबीर नरुआना की हत्या के आरोप में जेल में है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मनप्रीत ने हमलावरों को मन्ना के स्वामित्व वाली सफेद रंग की टोयोटा कोरोला कार दी थी। सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया था जिसमें रविवार शाम जवाहरके गांव में मूसेवाला के वाहन का सफेद रंग की कार से पीछा करते हुए दिखाया गया था। इस कार में सवार लोगों ने सबसे पहले मूसेवाला के वाहन पर फायरिंग की थी। बाद में हमलावरों का एक अन्य समूह, एक महिंद्रा बोलेरो कार, पहले समूह में शामिल हो गया और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे मूसेवाला की मौके पर ही मौत हो गई। मनप्रीत के खिलाफ़ फरीदकोट, रोपड़ और मुक्तसर में हथियार अधिनियम और अपहरण और हत्या के नौ मामले दर्ज हैं। वह उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित सिख धर्मस्थल हेमकुंड साहिब से लौटते समय सोमवार को देहरादून से हिरासत में लिए गए छह लोगों में शामिल था। बाद में उन्हें मूसेवाला की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए पंजाब लाया गया।
मनप्रीत को मनसा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस मनप्रीत से हमलावरों के बारे में और जानकारी की उम्मीद कर रही हैं। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामने आया है जब आम आदमी पार्टी सरकार, पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर आलोचना का सामना कर रही थी, 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी ईश्वर सिंह को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) के रूप में नियुक्त किया गया था। इससे पहले नरेश अरोड़ा को पद से हटा दिया गया था। एक आधिकारिक आदेश में कहा गया, “अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ईश्वर सिंह को एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर, पंजाब के पद पर तैनात किया गया है। ईश्वर सिंह राज्य के सतर्कता ब्यूरो के मुख्य निदेशक के रूप में कार्यरत थे, यह पद अब वरिंदर कुमार को सौंपा गया है, जो 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और एडीजीपी (जेल) के रूप में कार्यरत थे।
ज्ञात रहे कि मूसवाला की रविवार को पंजाब के मनसा जिले में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, हत्या से दिन पहले राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा हटा ली थी। राज्य पुलिस ने इस घटना को गैंगवार करार दिया था और कहा था कि हत्या के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का हाथ है। कनाडा स्थित गैंगस्टर गोल्डी बराड़, जो बिश्नोई गिरोह का सदस्य है, ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस के अनुसार, मूसेवाला की हत्या पिछले साल हुई युवा अकाली नेता विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या का प्रतिशोध प्रतीत होती है। मिद्दुखेड़ा की हत्या में मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत का नाम आया था। हालांकि पुलिस के मुताबिक शगनप्रीत ऑस्ट्रेलिया भाग गई थी। हरियाणा के सभी निवासी सनी, अनिल लथ और भोलू के रूप में पहचाने जाने वाले तीन शूटर्स को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया था, जबकि शगनप्रीत को भी प्राथमिकी में आरोपी के रूप में नामित किया गया था।
