देश को हिला कर रख देने वाले हाथरस रेप केस मामले में पुलिस और जिला प्रशासन की कार्रवाई पहले से सवालों के घेरे में थी। वहीं अब पुलिस ने दोबारा ऐसा कुछ किया जिससे सवाल उठने लाजमी हैं? पुलिस ने कल पीड़िता का अंतिम संस्कार देर रात बिना परिजनों की मौजूदगी के कर दिया। पुलिस और प्रशासन के इस रवैये से पीड़िता के परिजनों और ग्रामीणों में काफी गुस्सा भरा हुआ है।
इससे पहले इस मामले में पीड़िता के साथ हुई दरिंदगी एयर पुलिस द्वारा इससे बार बार इनकार करने पर भी सवाल उठते रहे हैं। परिजन और ग्रामीण जहां पीड़िता से दरिंदगी की बात कहते हैं वहीं पुलिस अब तक इससे इनकार करती रही है। इस घटना पर कई राजनीतिक दलों ने भी यूपी पुलिस और योगी सरकार पर निशाना साधा था।
हालांकि पुलिस ने कहा है कि जीभ काटने, रीढ़ की हड्डी टूटने जैसी बातें गलत है। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नही हुई है। ऐसे में सवाल यह है कि अगर पुलिस सही है तो अंतिम संस्कार को लेकर इतनी हड़बड़ी क्यों थी?
