हस्तशिल्प भारत की उत्तम सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और यह देश के लोगों की आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी है। यह क्षेत्र महिला सशक्तिकरण के नजरिये से भी काफी अहम है क्योंकि सभी हस्तशिल्प कारीगरों और कामगारों का 55 प्रतिशत से अधिक हिस्सा महिला आबादी से है।
