विरोधियों को छोड़िये अब सहयोगी भी नही दे रहे बीजेपी-कांग्रेस को भाव

कांग्रेस को कोई भी क्षेत्रीय दल तवज्जो देता नही दिख रहा और बीजेपी किसी अन्य दल को अपने सामने तवज्जो दे उनका ग्राफ बढ़ाना नही चाहती है। यही वजह है कि हर जायज-नाजायज मांग मानने के बदले बीजेपी ने डिफेंड करना ही सही समझा है।

भाषण दें घिरी सोनिया, हो गईं ट्रोल

उन्होंने कहा कि इंदिरा जी की शानदार जीत ने देश की राजनीति को ‘बलात्कार’ रख दिया। जबकि इसकी जगह उन्हें पलटकर या बदलकर रख दिया बोलना था।

2019 से पहले एक दांव जरूर चलेंगे मोदी-शाह

मोदी सरकार आज कई मोर्चों पर घिरी है। विपक्ष हमलावर है, नौजवान और किसान सड़क पर उतर प्रदर्शन करने में लगे हैं, सीमा पार से आतंकवाद और सीमा के अंदर नक्सलवाद के मुद्दे भी सरकार के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।

क्या एक बार फिर यूपी में हारेगी बीजेपी?

असली पेंच फंसेगा 9 वीं सीट पर। यहां बीजेपी को समर्थन की जरूरत होगी और ऐसे में राज्य सरकार पर हमलावर मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर बड़ा रोल निभाएंगे।

कांग्रेस के अधिवेशन में राहुल को मिल गई सुपर पावर

कांग्रेस के प्लेनरी सेशन में पार्टी अधिकारियों और शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में एक ऐसे प्रस्ताव पर मुहर लग गई जिसमें राहुल गांधी को यह अधिकार होगा कि वह अपनी नई टीम खुद चुनें।

कांग्रेस के अधिवेशन में एक्टिव दिखीं प्रियंका, संभाली यह बड़ी जिम्मेदारी

क्रिय राजनीति में न होने के बावजूद कई ऐसे मौके आये हैं जब वह पार्टी की कमान पर्दे के पीछे रह कर थामती नजर आई हैं।

स्मृति का राहुल पर वार, कहा-भारत के लिए आपकी नफरत हैरान करने वाली

स्मृति ने ट्वीट कर राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप दुनिया के सबसे लंबे ताजपोशी उत्सव से फ्री हो गए हैं तो मैं आपसे अनुरोध करना चाहती हूं कि इस लेख को पढ़िए। गौरतलब है कि हाल ही में वर्ल्ड बैंक द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत मे लागू जीएसटी दुनिया मे सबसे जटिल है।

सोनिया की सक्रियता बीजेपी की राह मुश्किल करेगी

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में शामिल होना और मोदी सरकार पर जमकर हमला बोलना उसके बाद विपक्षी नेताओं के लिए डिनर का आयोजन और अब कांग्रेस के अधिवेशन में मोदी सरकार पर सोनिया का जोरदार हमला यही बता रहा है कि भले ही राहुल अब कांग्रेस का चेहरा हैं लेकिन सोनिया ही अब भी कर्ता धर्ता की भूमिका में हैं।

2019 में बदलाव की तालाश, कांग्रेस बनेगी विकल्प

किसानों और युवाओं की उपेक्षा पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि आज के समय मे नौजवान और किसान दोनों ही परेशान हैं और यही 2019 में बदलाव लाने की क्षमता भी रखते हैं।

जब इस नेता ने कहा सोनिया राहुल को छोड़ कोशिश करूंगा सबको बीजेपी में ले आऊं

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि मैंने अपनी जिंदगी के 23 साल कांग्रेस में रहते हुए व्यर्थ गंवा दिए। आज जब मैं उस दौर को याद करता हूँ तो मुझे अफसोस होता है।

मोदी के साथ रहे तो कहा मनमोहन अनर्थ शास्त्री अब कहा असरदार

बीजेपी में रहते सिद्धू ने मनमोहन सिंह को जम कर अपने निशाने पर लिया था और हमला बोलते हुए उन्हें रबड़ का गुड्डा, मजबूर प्रधानमंत्री, पप्पू प्रधानमंत्री जैसे उपमाओं से नवाजा था।

क्या करने इटली गए थे राहुल, सोनिया ने बताया यह राज

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने तो यहां तक कह दिया था कि इटली में चुनाव चक रहे हैं और राहुल गांधी शायद वहां वोट डालने गए हैं। हालांकि यह महज एक व्यंग्य था।

इस नेता का मजाक कितना भी उड़े लेकिन यह तय है कि आज नही तो कल बनेंगे पीएम, पढ़ें

राजनीतिक यात्रा की बात करें तो वह अब भी सांसद हैं, पहले भी रहे हैं। सांसद के रूप में भी उनकी जीत भले ही बहुत बड़ी और मुश्किल नही हो लेकिन जीत जीत होती है। ऐसे में शायद अनुभव होने के साथ अगर राहुल अपने पक्ष या बीजेपी के विरोध में खुद को साबित करने में सफल रहे तो उनको शायद ही पीएम बनने से कोई रोक सके।

30 साल में 7 वीं बार हो रही विपक्षी एकता की बात, इस बार आवाज़ दक्षिण से आई है

इस बार यह मुद्दा उठाया है दक्षिण के तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने और तो और कुछ दलों ने उनके बयान के बाद आश्वासन और स्वीकृति तक दे दी है।