बिहार में जब कोरोना काल के दौरान 2020 में चुनाव हुए तो तमाम आशंकाएं प्रबल थी। एक तरफ तेजस्वी का आक्रामक तेज था तो दूसरी तरफ एनडीए के सबसे अहम सहयोगी रहे रामविलास पासवान के सुपुत्र चिराग की बगावत थी। नीतीश का अनुभवी चेहरा और सुशासन के वादे थे वहीं बीजेपी में चेहरे का घोर अभाव भी था।
