तेजस्वी सूर्या का ओवैसी पर वार,कहा- हैदराबाद में विकास छोड़ रोहिंग्या मुसलमानों को अनुमति दी

भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सूर्या ने एआईएमआईएम अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर बड़ा हमला बोला है। सूर्या ने अपने बयान में ओवैसी को रोहिंग्या घुसपैठियों एक हितैषी और विकास विरोधी बताया। हाल के दिनों में बीजेपी के किसी नेता द्वारा ओवैसी पर यह सबसे बड़ा बयान है।

म्यांमार-रोहिंग्या कैम्प में अगर बेकाबू हुए कोरोना से हालात होगी मुश्किल

म्यांमार के रखाइन प्रान्त के सितावे से बड़ी खबर आ रही है। खबर के मुताबिक रोहिंग्या शरणार्थियों के कैम्प में कोरोना ने अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। इन कैम्पों में 1,30,000 से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थी रहते हैं। अगर यहां संक्रमण फैला तो हालात संभालने मुश्किल हो सकते हैं। यह चिंता इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि म्यांमार में आये कुल 400 मामलों से 48 मामले इसी शहर से हैं।

भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे रोहिंग्या, कश्मीर में हुआ बड़ा खुलासा

केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह संसद में अपने संबोधन के दौरान यह कह चुके हैं कि रोहिंग्या देश के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। उनपर नजर रखी जा रही है और जल्द ही उन्हें देश से बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

असम में एनआरसी पर बवाल के बीच अब इस समुदाय को देश से बाहर करने की तैयारी में सरकार, पढ़ें

केंद्र सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को देश से बाहर करने की तैयारी में है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की मानें तो रोहिंग्या मुसलमान कई जगह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए हैं।

मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि, एक झटके में भारत से बाहर होंगे 40 लाख घुसपैठी

2014 के चुनावों में एक मुद्दा खूब छाया हुआ था। यह मुद्दा था देश के कई राज्यों में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों को बाहर निकालने का। पीएम मोदी ने इसे अपने चुनावी रैलियों में भी खूब उछाला था। अब इसे अमलीजामा पहनाया जा चुका है।

अगर ऐसा ही रहा तो ममता खुद बीजेपी को सौंप देंगी बंगाल, गलत राजनीति की है यह शुरुआत

यह वह परंपरा है जहां सत्ता के लिए समाज के टुकड़े करने की एक साजिश की बू आ रही है। बीजेपी वहां शून्य से शिखर पर आने को आतुर है वहीं वाम के लाल किले को बंगाल में ध्वस्त कर सत्ता में काबिज हुईं ममता को अपने ऊपर कुछ ज्यादा ही यकीन हो चला है।

म्यांमार से क्यों भगाए जा रहे हैं रोहिंग्या,बांग्लादेश भी परेशान

म्यांमार और बांग्लादेश के स्थानीय निवासियों से पूछा गया कि इन्हें क्यों निकाला जा रहा है दिक्कत क्या है तो उन्होंने कहा पहले ये शरण और सहारा मांगते हैं बाद में लूट मार और कब्ज शुरू कर देते हैं।