बैंकों द्वारा लगाए गए सेवा शुल्क के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति

कई मीडिया रिपोर्टों में कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) द्वारा सेवा शुल्क में बेतहाशा वृद्धि का उल्लेख किया गया है। इस संदर्भ में, तथ्यात्मक स्थिति इस प्रकार है:

आईएफएससीए ने नवीन फिनटेक समाधानों का लाभ उठाने के उद्देश्य से रेगुलेटरी सैंडबॉक्स की एक रुपरेखा पेश की

आईएफएससीए ने “रेगुलेटरी सैंडबॉक्स” की एक रूपरेखा पेश की है। सैंडबॉक्स की इस रुपरेखा के तहत पूंजी बाजार में बैंकिंग, बीमा और वित्तीय सेवा के क्षेत्र में कार्यरत इकाइयों को सीमित समय सीमा के लिए वास्तविक ग्राहकों के सीमित समूह के साथ एक गतिशील वातावरण में नवीन फिनटेक समाधानों के प्रयोग करने की कुछ सुविधाएं एवं छूट प्रदान की जायेंगी।

सीपीएसई ने एमएसएमई को पिछले पांच महीनों में किया 13,400 करोड़ का भुगतान

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्योग मंत्रालय द्वारा केंद्रीय मंत्रालयों सीपीएसई एवं राज्‍य सरकारों से की गहन बातचीत और देश के 500 शीर्ष निगमों से किए प्रत्‍यक्ष संवाद के चलते बहुत ही अच्‍छे परिणाम सामने आए सितंबर 2020 में सीपीएसई की तरफ से सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्योगों को 37,00 करोड़ रूपये अदा किए गए : एक महीने का यह सर्वोच्‍च है, इस तरह पिछले पांच महीनों में अब तक कुल 13,400 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया

नोटबंदी के एक साल, देश बेहाल, पढ़ें इसके 10 बड़े नुकसान

नोटबंदी के एक साल बाद भी आज इसके फायदे और नुकसान का आकलन जारी है लेकिन न सरकार को पता है न आरबीआई को कि इसके कितने फायदे हुए, कितने जनता को मिले, कितने अर्थव्यवस्था को हुए और कितना कालाधन कम हुआ या अंकुश लग सका