डिजिटल इंडिया की बात करने वाली सरकार ऐसे यज्ञ के आयोजन की अगुवा बनेगी तो सवाल उठने लाजमी भी हैं. क्या सरकार ऐसे जवाब देगी? कैसे कड़ी कारवाई होगी? क्या सरकार के पास अब कोई मुद्दा और कारवाई का दमखम नहीं है?
सेना मुश्किल हालातों का सामना करते हुए भी मोर्चा थामे रहती है लेकिन न तो पाक की नापाक हरकतों के खिलाफ उन्हें कार्रवाई की खुली छूट दी जाती है न ही उचित संसाधन उपलब्ध हैं।
अमेरिका और अन्य देशों के सामने पाकिस्तान के खिलाफ बोलने से ऐसे हमले रुकेंगे? क्या पाकिस्तान को आतंकी देश भर घोषित करने से काम हो जाएगा? क्या संयुक्त राष्ट्र में लंबे चौड़े ताली बटोरने वाले भाषण के भरोसे कश्मीर में शांति लौटेगी?