राष्ट्र का वह मुसलमान राष्ट्रपति जिसे दुनिया दिल से करती है सलाम, नाम है उसका अब्दुल कलाम

दुनिया की 24 यूनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि दी। भारत को उन्होंने परमाणु सम्पन्न बनाया। देश को विज़न 2020 कर के एक ख्वाब दिखाया। टायफेक जैसी संस्था दी। लाखों को उम्मीद और करोड़ों को मकसद दिया। पोखरण में परमाणु विस्फोट कर अटल जी के सपने को साकार कियावो भी अमेरिका को झांसा देकर।

कभी आत्महत्या करने तो कभी मैला खाने को विवश हुए किसान, यह कैसा विकास

दिल्ली में तमिलनाडु से आकर किसान 41 दिन तक धरने पर बैठें और कोई न सुने तो यह दुर्भाग्य ही है। उनकी मांग भी कोई बहुत बड़ी नही थी, बस ऋण माफी और पटवन के लिए उचित पानी की मांग कर रहे थे।

मन की बात में भी जुमला, पार्टी नेता ने ही खोल दी पोल

मन की बात पर आधारित जिन दो किताबों का लोकार्पण पिछले साल राष्ट्रपति रहे प्रणव मुखर्जी की अगुवाई में किया गया और जिस लेखक का जिक्र किया गया वह असल मे इसके लेखक हैं ही नही?

प्रशांत किशोर की मोदी से मुलाकात, क्या फिर संभालेंगे प्रचार की कमान?

प्रशांत किशोर ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने बीजेपी के प्रचार की कमान संभाल रखी थी और ब्रांड मोदी की सुनामी पूरे देश मे खड़ी कर दी थी। अब प्रशांत किशोर एक बार फिर चर्चा में हैं। चर्चा में होने की वजह कुछ दिनों पहले पीएम से हुई उनकी मुलाकात है।

आत्महत्या के बढ़ते आंकड़ों के खिलाफ जब तेलंगाना में किसानों ने फूंक दी अपनी फसल

यूँ तो यह विरोध सिर्फ मिर्च की सही कीमत न मिलने को लेकर था लेकिन यह आंदोलन सभी किसानों के लिए एक प्रेरणा बन गया।

भारत में आत्महत्या के मामले चिंतनीय, क्या हैं कारण

मानसिक और सामाजिक दबाव, सफलता प्राप्त करने की अंधी दौड़ और उसके लिए अपनाए जाने वाले रस्ते इसके लिए सबसे बड़े कारण नजर आते हैं।