हाथरस की ‘निर्भया’ की चिता की आग सुलगती रही और पुलिस दांत दिखाकर खिलखिलाती रही

हाथरस की घटना को लेकर पूरे देश में आक्रोश है. इस हैवानियत के लिए शब्द भी कम है. मगर उत्तर प्रदेश की पुलिस इस मामले को लेकर शुरू से ही असंवेदनशील बनी हुई है. यूपी पुलिस ने बिना परिवार की अनुमति के पीड़िता की लाश का अंतिम संस्कार कर दिया.

निर्भया गैंगरेप के एक आरोपी ने की थी आत्महत्या

राम सिंह के आत्महत्या करने के बार जारी एक बयान में जेल अधिकारियों ने कहा था कि उसका व्यवहार काफी हिंसक था, उसके हाव भाव तुरंत बदल जाते थे और कब वह क्या करे यह समझ से परे था।

बलात्कार के मामले में फांसी से क्यों इतनी दूरी, क्या है राजनीतिक मजबूरी

यह समझ से बिल्कुल परे है कि आखिर सरकार की कौन सी वह राजनीतिक मजबूरी है जिसकी वजह से ऐसे गंभीर अपराध में फांसी के प्रावधान से सरकार बचती रही है।