पीएम हर साल स्वतंत्रता दिवस पर एक अलग तरह का साफ़ा प्रयोग करते हैं जो उनके लुक में चार चांद लगा देता है। इससे न सिर्फ हमारे परिधानों की विविधता दिखती है बल्कि पंथ प्रधान के चेहरे पर एक अलग तेज की अनुभूति भी होती है।
कर्ज़ माफी, सब्सिडी, खाद पानी हर तरह से यहां तक कि फसल नुकसान से लेकर हर वह कड़ी इस वादे का हिस्सा होती है जिससे किसान मोहित हो सके लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात पर आकर खत्म हो जाता है।