यह पायलट परियोजना 100 गांवों में लागू होगी। सर्वश्रेष्ठ समाधान देने वाले भागीदार को 50 लाख रुपये और प्रत्येक रनरअप को 20-20 लाख रुपये नगद पुरस्कार दिया जाएगा।
सोशल मीडिया को एक बड़ा हथियार बनाया गया और इसके पीछे भी टैब के सीएम और अभी के पीएम मोदी का दिमाग था।उनके प्रचार का जिम्मा बेशक प्रशांत किशोर के पास था लेकिन यह फार्मूला कारगर रहा और बीजेपी सत्ता में आई। यहीं से शुरू हुआ भारतीय राजनीति में सोशल मीडिया का प्रभुत्व।
इसके महज एक पहलू पर गौर करें या यूं कहें कि कोई एक ऐसी उपलब्धि रही तो वह यह कि इज़के माध्यम से आम लोगों के सुझाव पीएम तक पहुंचे। आमलोगों की उपलब्धियां पीएम तक पहुंची और फिर पीएम के द्वारा वह भारत भर में पहुँची।