अफसर को क्वारंटाइन करने के बाद यह क्यों न माना जाए कि मुम्बई पुलिस की जांच न तो सही दिशा में है न ही वह बिहार पुलिस को जांच में सहयोग देने को तैयार है, वहीं जिस तरह से बिहार पुलिस की जांच में एक के बाद एक परतें खुलती जा रही वह मुम्बई पुलिस पर भी सवालिया निशान खड़े करती हैं।
सरकार के खिलाफ लामबंद भी दिख रहे हैं यही वजह है कि साल 2017 में महाराष्ट्र के किसानों की एक बड़ी क्रांति देखने को मिली और विरोध प्रदर्शन का एक लंबा दौर चला।
यह कोई पहला मौका नही जब उद्धव इस तरह बीजेपी के खिलाफ बोलते नजर आए है। इससे पहले भी शिवसेना के मुखपत्र सामना में अपने संपादकीय के माध्यम से वहः कई बार सरकार के खिलाफ लिख कर बीजेपी को असहज स्थिति में डाल चुके हैं।
इस कैदी का नाम सोमनाथ दगड़ू सेन्डे बताया जा रहा है। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। माना जा रहा है कि लोकलज्जा और अपने किये पर पछतावे की वजह से उसने ऐसा कदम उठाया।
किसान आत्महत्या जैसे गंभीर मसले पर एक नाटक का मंचन किया गया और इस मंचन के दौरान अपने गले ने फंदा डाल जो इंसान भाग ले रहा था वह सच मे झूल गया और अभिनय करते हुए मर गया।