राहुल के सामने सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस की छवि के साथ अपनी छवि को सुधारना है। कार्यशैली में बदलाव लाना है क्योंकि कांग्रेस आज भी नेहरू इंदिरा वाली कांग्रेस है इसमें कुछ भी नयापन नजर नही आता।
भारत के लोकतंत्र में जिस तरह 2014 में मोदी सरकार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई और विपक्ष सिमटता चला गया वैसे में न सिर्फ सरकार निरंकुश हुई बल्कि विपक्ष भी कमजोर ही हुआ।
खबरों के मुताबिक अप्रैल में एलान हो सकते हैं। जी नही ऐसा अब इस माहौल में नही होगा जब कि बीजेपी अपने सहयोगियों और विपक्ष से घिरी हुई है। पहले ऐसा एलान इसलिए संभव था क्योंकि मोदी लहर फीकी पड़ने से पहले मोदी और बीजेपी यह मौका भुना लेना चाहते थे।