सोशल मीडिया को एक बड़ा हथियार बनाया गया और इसके पीछे भी टैब के सीएम और अभी के पीएम मोदी का दिमाग था।उनके प्रचार का जिम्मा बेशक प्रशांत किशोर के पास था लेकिन यह फार्मूला कारगर रहा और बीजेपी सत्ता में आई। यहीं से शुरू हुआ भारतीय राजनीति में सोशल मीडिया का प्रभुत्व।
प्रशांत किशोर ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने बीजेपी के प्रचार की कमान संभाल रखी थी और ब्रांड मोदी की सुनामी पूरे देश मे खड़ी कर दी थी। अब प्रशांत किशोर एक बार फिर चर्चा में हैं। चर्चा में होने की वजह कुछ दिनों पहले पीएम से हुई उनकी मुलाकात है।
राहुल के लिए कांग्रेस की भ्रष्टाचार वाली छवि से उबरना भी मुश्किल नजर आता है वहीँ बीजेपी और केंद्र की मोदी सरकार के किसी भी मंत्री के खिलाफ ऐसा कोई आरोप नहीं है