भारत उद्योग की आड़ में खो रहे किसान Vijay Rai July 27, 2020 0 पूंजीपतियों और सरकार की मिलीभगत के आगे गरीब किसान की एक नही चलती और वह थक हार कर बैठ जाता है। साथ ही जब स्थित्ति बद से बदतर होती है तो उसके पास आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नही होता।