इतिहास की सबसे बड़ी डिफेंस डील में से एक कर रहा भारत, आसमान बनेगा अभेद किला

खबरों के मुताबिक भारत अमेरिका से 110 लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी में है। यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके लिए शुरुआती निविदा आमंत्रित भी की जा चुकी है। इस डील पर कुल खर्च 1.25 लाख करोड़ का होना अनुमानित हैं।

वह अभिनेता जो किसानों, नौजवानों से कहता है आत्महत्या का ख्याल आए तो मुझसे मिलें

कुछ उदाहरण की बात करें तो पुरानी खबरों से गुजरते हुए एक खबर नजर के सामने आई जिसमे नाना के बारे में लिखा गया था कि वह कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों का हौसला बढ़ाने एक पोस्ट से दूसरे पोस्ट तक घूमे थे। वहीं किसान आत्महत्या पर काम करते हुए उन्होंने निजी रूप से सैकड़ों किसानों के लोन भरे या मदद मांग कर उनकी मदद की

क्या आतंक, पाक और परमाणु से रथ और यज्ञ भरोसे जीतेगी बीजेपी, यह कैसा डिजिटल इंडिया

डिजिटल इंडिया की बात करने वाली सरकार ऐसे यज्ञ के आयोजन की अगुवा बनेगी तो सवाल उठने लाजमी भी हैं. क्या सरकार ऐसे जवाब देगी? कैसे कड़ी कारवाई होगी? क्या सरकार के पास अब कोई मुद्दा और कारवाई का दमखम नहीं है?

आतंकवाद पर चुप रहने और शहीदों का धर्म पूछने वाले ओवैसी को सेना ने दिया करारा जवाब

सेना के उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट देवराज अनबु ने आगे आकर जवाब देते हुए कहा कि सेना अपने शहीदों के नाम को धर्म से नही जोड़ती। इस मसले पर सवाल उठाने वाले वह लोग हैं जिन्हें सेना के काम करने के तरीके के बारे में पता ही नही है। उनका यह बयान अप्रत्यक्ष तौर पर ओवैसी के लिए था। हालांकि उन्होंने नाम नही लिया।

पाक के नापाक इरादे काफी खतरनाक, भारत के खिलाफ बड़े पैमाने पर जुटा रहा हथियार

पाकिस्तान छोटे हथियारों को बनाने में लगा है जिसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया जा सकता है। इनमे परमाणु हथियार भी शामिल हैं।

मालदीव में क्यों सैन्य कार्रवाई से बच रहा भारत, क्या है मजबूरी और वजह?

भारत फिलहाल वेट एंड वॉच की स्थित में ही खुद को बेहतर मान रहा है। सैन्य टुकड़ियों को तैयार रखा जरूर है लेकिन सीधी कार्रवाई से बचना चाहता है।

सेना को आदेश थमा दो घाटी गैर नही होगी, जहाँ तिरंगा नही मिलेगा उसकी खैर नही होगी

कश्मीर में तिरंगे का अपमान होता रहा, पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते रहे,सेना सीमा की हिफाज़त में अपनी कुर्बानी देती रही लेकिन एक उचित आदेश तक सरकार से तामिल न हो सका जिसमें यह लिखा हो कि सेना अपने हिसाब से इस तरह की घटनाओं से निपट ले।

सैन्य शक्ति भरपूर, फिर भी हम क्यों मजबूर

सेना मुश्किल हालातों का सामना करते हुए भी मोर्चा थामे रहती है लेकिन न तो पाक की नापाक हरकतों के खिलाफ उन्हें कार्रवाई की खुली छूट दी जाती है न ही उचित संसाधन उपलब्ध हैं।

पाक की नापाक हरकत पर कब तक होगी कड़ी निंदा और हाई लेवल मीटिंग

अमेरिका और अन्य देशों के सामने पाकिस्तान के खिलाफ बोलने से ऐसे हमले रुकेंगे? क्या पाकिस्तान को आतंकी देश भर घोषित करने से काम हो जाएगा? क्या संयुक्त राष्ट्र में लंबे चौड़े ताली बटोरने वाले भाषण के भरोसे कश्मीर में शांति लौटेगी?