बिहार सरकार ने अपने एक आदेश में उन 2,14,287 छात्र-छात्राओं को पास करने का निर्णय लिया है जो मैट्रिक या इंटर की परीक्षा में एक या दो विषय मे किसी वजह से फेल हो गए थे। ऐसे छात्रों को अब सम्प्लीमेंट्री या कंपार्टमेंटल परीक्षा देने की भी जरूरत नही है।
मोबाइल सहित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का प्रयोग वर्जित है ऐसे में यह तस्वीर कहाँ से आई? अगर यह सच है तो परिणाम में किसी बड़े गोलमाल की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है.
वास्तविकता की बात करें तो आत्महत्या में भारत सबसे आगे है और यहां हर घंटे, हर मिनट का आंकड़ा विनाशकारी है। ऐसे में अगर आर्थिक लाभ देने की कोई नीति बन जाये तो भी अनुमानतः अलग से इसके लिए एक फंड बनाना पड़ेगा।