दिसंबर जाते-जाते 2019 से पहले बीजेपी या कांग्रेस किसको गम और किसको खुशी देगा, पढ़ें

बीजेपी और कांग्रेस दोनो के लिए यह चुनाव नाक का सवाल थे। 2019 से पहले इसे सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा था। इन चुनावों में सत्ता विरोधी लहर के हावी होने की संभावना प्रबल थी। यह नजर भी अब आ रही है।

एक ऐसा इंटरव्यू जिसने राजनीतिक गलियारों में मचाया तूफान, गठबंधन पस्त, बीजेपी मस्त

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस-बसपा गठबंधन की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है वहीं बीजेपी को अप्रत्यक्ष तौर पर फौरी राहत भी दे दी है।

प्रशांत किशोर की मोदी से मुलाकात, क्या फिर संभालेंगे प्रचार की कमान?

प्रशांत किशोर ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने बीजेपी के प्रचार की कमान संभाल रखी थी और ब्रांड मोदी की सुनामी पूरे देश मे खड़ी कर दी थी। अब प्रशांत किशोर एक बार फिर चर्चा में हैं। चर्चा में होने की वजह कुछ दिनों पहले पीएम से हुई उनकी मुलाकात है।

राहुल के पांडव-कौरव बयान पर बीजेपी का पलटवार,कहा- राम पर काँग्रेस ने उठाये सवाल

बीजेपी का कहने का तात्पर्य यह है कि जो पार्टी रामायण के औचित्य पर सवाल उठा रही है क्या वह महाभारत को स्वीकार करती है?

पढ़ें पीएम पर राहुल के पांच सबसे बड़े आरोप

राहुल गांधी ने बतौर अध्यक्ष कांग्रेस के अधिवेशन के समापन सत्र को संबोधित किया इस दौरान वह लगातार मोदी सरकार और बीजेपी के साथ आरएसएस पर हमलावर रहे और जमकर शब्दबाण चलाये।

क्षेत्रीय दलों से भी दूर हो रहे राहुल, कैसे देंगे मोदी को टक्कर?

राहुल ने एक और महत्वपूर्ण बात कही कि अगर मोदी सरकार को हटाने और बीजेपी को हराने के लिए गठबंधन भी करना पड़े तो भी वह पीछे नही हटेंगे।

2019 से पहले एक दांव जरूर चलेंगे मोदी-शाह

मोदी सरकार आज कई मोर्चों पर घिरी है। विपक्ष हमलावर है, नौजवान और किसान सड़क पर उतर प्रदर्शन करने में लगे हैं, सीमा पार से आतंकवाद और सीमा के अंदर नक्सलवाद के मुद्दे भी सरकार के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।

फेसबुक मुकाबला- मोदी के सामने कहाँ हैं राहुल

पीएम मोदी की तो फेसबुक पर पीएम मोदी को फॉलो करने वाले और उनके पेज को लाइक करने वालों की संख्या चार करोड़ बत्तीस लांख से ज्यादा है। वहीं दूसरी तरफ देखें तो राहुल गांधी को लगभग 16 लाख साठ हजार से कुछ ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

ट्विटर पर बदल गया राहुल का पता

2015 में ट्विटर जॉइन करने वाले राहुल गांधी ने अपना ट्विटर एड्रेस यानि ट्विटर हैंडल का नाम बदल लिया है। साथ ही अब वह पहले के मुकाबले अधिक सक्रिय भी नजर आ रहे हैं।

2019 में बदलाव की तालाश, कांग्रेस बनेगी विकल्प

किसानों और युवाओं की उपेक्षा पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि आज के समय मे नौजवान और किसान दोनों ही परेशान हैं और यही 2019 में बदलाव लाने की क्षमता भी रखते हैं।

जब इस नेता ने कहा सोनिया राहुल को छोड़ कोशिश करूंगा सबको बीजेपी में ले आऊं

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि मैंने अपनी जिंदगी के 23 साल कांग्रेस में रहते हुए व्यर्थ गंवा दिए। आज जब मैं उस दौर को याद करता हूँ तो मुझे अफसोस होता है।

तो क्या रोजगार के आंकड़ों को लेकर झूठ बोल रहे राहुल?

चार साल के अंदर 11 करोड़ लोग स्वरोजगार से जुड़े हैं। क्या यह आंकड़ा उन्हें नही पता? मोदी सरकार ने मुद्रा योजना के तहत यह स्वरोजगार पैदा किये हैं

मोदी- शाह के निशाने पर अब कांग्रेस और राहुल नही यह हैं

तीसरे मोर्चे की कवायद में कांग्रेस पूरी तरह तटस्थ है, उसका जनाधार भी खिसकता नजर आया है ऐसे में बीजेपी भी यह मान कर चल रही है कि कांग्रेस से ज्यादा खतरा के क्षेत्रीय गठबंधन और तीसरे मोर्चे से है।

क्या आतंक, पाक और परमाणु से रथ और यज्ञ भरोसे जीतेगी बीजेपी, यह कैसा डिजिटल इंडिया

डिजिटल इंडिया की बात करने वाली सरकार ऐसे यज्ञ के आयोजन की अगुवा बनेगी तो सवाल उठने लाजमी भी हैं. क्या सरकार ऐसे जवाब देगी? कैसे कड़ी कारवाई होगी? क्या सरकार के पास अब कोई मुद्दा और कारवाई का दमखम नहीं है?