हर चुनौतियां पार कर दो कृषि बिल लोकसभा में पास, प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के लिए बताया ऐतिहासिक पल

अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर के इस्तीफे और कांग्रेस के वॉकआउट के बीच मोदी सरकार ने किसानों से जुड़े दो बिल लोकसभा में पास करवा लिए.

मोदी सरकार का किसानों से किया बड़ा वादा आज होगा पूरा, पढ़ें

देश की पहली किसान स्पेशल ट्रेन मध्य रेल देवलाली से दानापुर के बीच चलाने जा रहा है। यह ट्रेन फिलहाल साप्ताहिक होगी।इस ट्रेन के माध्यम से जल्दी खराब होने वाले सामान की ढुलाई ससमय सुनिश्चित की जाएगी।

आत्महत्या में सबसे आगे जवान और किसान, कौन जिम्मेदार

जय जवान जय किसान का नारा दिया गया था तब शायद यह क़तई नही सोचा गया होगा कि देश के यह दो वर्ग आने वाले समय मे आत्महत्या के आंकड़ों में सबसे आगे होंगे।

जब किसानों ने आत्महत्या की जगह चुनी क्रांति की राह

सरकार के खिलाफ लामबंद भी दिख रहे हैं यही वजह है कि साल 2017 में महाराष्ट्र के किसानों की एक बड़ी क्रांति देखने को मिली और विरोध प्रदर्शन का एक लंबा दौर चला।

2019 में बदलाव की तालाश, कांग्रेस बनेगी विकल्प

किसानों और युवाओं की उपेक्षा पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि आज के समय मे नौजवान और किसान दोनों ही परेशान हैं और यही 2019 में बदलाव लाने की क्षमता भी रखते हैं।

आत्महत्या के बाद कहाँ जाती है आत्मा?

वैदिक ग्रंथों में एक लाइन में इनका जवाब मिलता है। आत्मघाती मनुष्यों के बारे में कहा गया है कि-असूर्या नाम ते लोका अँधेन तमसावृता।तास्ते प्रेत्यभिगच्छन्ति ये के चात्महनो जनाः

वह अभिनेता जो किसानों, नौजवानों से कहता है आत्महत्या का ख्याल आए तो मुझसे मिलें

कुछ उदाहरण की बात करें तो पुरानी खबरों से गुजरते हुए एक खबर नजर के सामने आई जिसमे नाना के बारे में लिखा गया था कि वह कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों का हौसला बढ़ाने एक पोस्ट से दूसरे पोस्ट तक घूमे थे। वहीं किसान आत्महत्या पर काम करते हुए उन्होंने निजी रूप से सैकड़ों किसानों के लोन भरे या मदद मांग कर उनकी मदद की

किसानों की लाश पर राजनीति कब तक

कर्ज़ माफी, सब्सिडी, खाद पानी हर तरह से यहां तक कि फसल नुकसान से लेकर हर वह कड़ी इस वादे का हिस्सा होती है जिससे किसान मोहित हो सके लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात पर आकर खत्म हो जाता है।

क्या एमपी में बड़ा चुनावी मुद्दा बनेगा किसान आत्महत्या?

सवाल है कि क्या राज्य में किसान आत्महत्या का मुद्दा चुनावी मुद्दा बनेगा या बस जात-धर्म और व्यक्तिगत बातों की बुनियाद पर चुनाव लड़ा जाएगा।