परीक्षा के मौसम में विद्यार्थियों के आत्महत्या का दौर दुखद

विद्यार्थी उम्मीदों का बोझ, पढ़ाई का बोझ उठाने में खुद को असमर्थ समझने लगते हैं और सफलता पाने की होड़ में पीछे छूट जाने के भय से, परिवार के डर से आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं।

भारत में आत्महत्या के मामले चिंतनीय, क्या हैं कारण

मानसिक और सामाजिक दबाव, सफलता प्राप्त करने की अंधी दौड़ और उसके लिए अपनाए जाने वाले रस्ते इसके लिए सबसे बड़े कारण नजर आते हैं।