भारत ने अर्थव्यवस्था और विदेश व्यापार संभालने वाले एससीओ मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की

भारत ने आज शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) देशों की विदेशी अर्थव्यवस्था और विदेश व्यापार संभालने वाले मंत्रियों की 19वीं बैठक की मेजबानी की।

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमन ने सीपीएसई की चौथी समीक्षा बैठक ली

केंद्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने आज पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और कोयला मंत्रालय के सचिवों के साथ-साथ इन मंत्रालयों के तहत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के 14 उद्यमों (सीपीएसई) के सीएमडी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर इस वित्‍तीय वर्ष के पूंजीगत व्‍यय का जायजा लिया।

सीपीएसई ने एमएसएमई को पिछले पांच महीनों में किया 13,400 करोड़ का भुगतान

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्योग मंत्रालय द्वारा केंद्रीय मंत्रालयों सीपीएसई एवं राज्‍य सरकारों से की गहन बातचीत और देश के 500 शीर्ष निगमों से किए प्रत्‍यक्ष संवाद के चलते बहुत ही अच्‍छे परिणाम सामने आए सितंबर 2020 में सीपीएसई की तरफ से सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्योगों को 37,00 करोड़ रूपये अदा किए गए : एक महीने का यह सर्वोच्‍च है, इस तरह पिछले पांच महीनों में अब तक कुल 13,400 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया

जानें UNGA के 75 वें सत्र में क्या बोले पीएम मोदी,पढ़ें पूरा भाषण

एक बहुत बड़ा सवाल है कि जिस संस्था का गठन तब की परिस्थितियों में हुआ था, उसका स्वरूप क्या आज भी प्रासंगिक है? सदी बदल जाये और हम न बदलें तो बदलाव लाने की ताकत भी कमजोर हो जाती है |

कोरोना काल मे बीजेपी के ‘ख्याली पुलाव’ पर राहुल का वार, कहा- एक सच भी था…

कोरोना काल मे लगे लॉकडाउन से लेकर बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था से लेकर जीडीपी तक राहुल गांधी सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं। वह ट्वीट के माध्यम से लगातार चीन सीमा पर गतिरोध समेत अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरते रहे हैं।

कोरोना और लॉकडाउन संकट के बीच बम्पर पैदावार का अनुमान, बुवाई का बना रिकॉर्ड

भारत सरकार द्वारा समय पर बीज, कीटनाशक, उर्वरक, मशीनरी और ऋण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की वजह से कोविड-19 महामारी की लॉकडाउन स्थितियों में भी बुवाई क्षेत्र में बढ़ोतरी संभव हो पाया है।

लॉकडाउन खत्म होने के बाद सुधर रही अर्थव्यवस्था की हालत, पढ़ें

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का त्वरित अनुमान हर माह की 12 तारीख (या पिछले कार्य दिवस) को छह सप्ताह के अंतराल के साथ जारी किया जाता है और स्रोत एजेंसियों से प्राप्त आंकड़ों के साथ इसे संकलित किया जाता है, और एजेंसियां इस डेटा को उत्पादक कारखानों/प्रतिष्ठानों से प्राप्त करती हैं।