नोटबंदी के साल भर होने को हैं वही इस दौरान वस्तु और सेवा कर भी लागू कर दिया गया.इनके तमाम फायदे भी प्रचारित किये गए लेकिन अब जो आंकडें आये हैं वह सरकार के लिए निराशा,व्यापारियों के लिए हतासा,विपक्ष के लिए एक मुद्दा और आम लोगों के लिए चिंता का सबब बन सकते हैं.
